ब्राह्मण मंदिरों का बहिष्कार क्यों करें

                ब्राह्मण मंदिरों का बहिष्कार क्यों करें

मंदिर या institutions किस लिए होते हैं वे हमें empower करते हैं ताकी हम ज्यादा positive बनें रहें पर मंदिर में बैठे पंडे देश के मूलनिवासियों के लिये फैलाते रहते हैं कि वे नीच हैं तो वहाँ जाने से empowerment कैसे मिलेगा इन पंडो के मंदिरों में जाने से तो नीच की मानसिकता ही मिलेगी।
          वहीं बौद्ध मानसिकता से  जब आप बौद्ध मंदिरों में जाते हैं तो बौद्ध यानि enlighten होने का अहसास पैदा होने लगता है। बौद्ध भंते सभी को श्रेष्ठ ही मानते हैं बौद्ध मानते हैं वहाँ जाने से आप enlightenment की भावनाओं को बढ़ावा देने लगते हैं ज्यादा positive feel करते हैं। so feel positive, grow positive, give positive, have positive.
Tarunn Asaat

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