देश के मूलनिवासियों का असली धर्म

              देश के मूलनिवासियों का असली धर्म
कभी ब्राह्मण धर्म अलग हुआ करता था जब अंग्रेज़ो ने देश विभाजन की बात की तो मुस्लिम ने पाकिस्तान मांग लिया। पर ब्राह्मणों की संख्या बहुत कम थी अगर वे अपने लिए ब्राह्मण धर्म के अनुसार अलग देश मांगते तो पॉन्डिचेरी जितना देश मिलता इसलिए उन्होंने
हिन्दू नाम के साथ अपने ब्राह्मण धर्म को मिला कर हमारे देश के मूलनिवासियों को वैश्या और शूद्र बना दिया। उस समय में हमारे लोगों को इतिहास की जानकारी नहीं थी तो उस व्यवस्था को स्वीकार कर लिया गया। पर आज सब जानकारी मिल जाने के पश्चात विदेशी ब्राह्मण के धर्म को हमारी बौद्ध संसकृति से हटाने का वक्त आ चुका है।
          तो अब कितने लोग ब्राह्मण के वैश्या और शूद्र बन कर ब्राह्मण के गुलाम बने रहना चाहते हैं या अपने असल बौद्ध धर्म में वापसी कर के विश्व विख्यात बौद्ध हो कर बुद्धिमान कहलाना चाहते हैं।
     आओ मिलकर देश का गौरव प्राप्त करें और विश्व पटल पर देश को बौद्ध बनाएँ।
                                          Tarunn Asaat

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