आपकी इच्छा कौन पूर्ण कर सकता है
जब आप मंदिर में जाते हैं तो मंदिर के भगवान की मूर्ति से कुछ मांगते हैं तो वह इच्छा आपकी कैसे पूर्ण होगी।
दअरसल वो पत्थर की मूर्ति आपको कुछ नहीं देती वहाँ आप सिर्फ ब्राह्मण की बनाई हुई नकली कहानियों के पात्रों को पूजने जाते हैं जो किसी समय के बौद्धों के असल रूप को ढकने के लिए नकली बनाए गए थे। यह सब सिर्फ इसलिए बनाया गया था ताकि इस देश के असल बौद्ध जो प्रखर बुद्धिमान हैं अपनी बुद्धि को बढ़ाने के बजाय ब्राह्मण की मूर्ति के आगे मत्था टेकते रहें और अपनी बुद्धि के बल पर ब्राह्मण को अपना सेवादार ना बना लें। चूंकि ब्राह्मण के झूठ बोलने की वजह से ब्राह्मण को बौद्धत्व तो कभी प्राप्त होगा नहीं पर यह सौभाग्य हमारे देश के मूलनिवासियों को जन्मजात प्राप्त है। पर करना क्या है? सिर्फ गौतम बुद्ध की विपश्यना का ज्ञान लेकर अपनी बुद्धि से सब प्राप्त सकते हैं। हमारी बुद्धि ही वह बल है जो हमें सही जानकारी एवं रास्ता दिखाने का कार्य करती है।
Tarunn Asaat
जब आप मंदिर में जाते हैं तो मंदिर के भगवान की मूर्ति से कुछ मांगते हैं तो वह इच्छा आपकी कैसे पूर्ण होगी।
दअरसल वो पत्थर की मूर्ति आपको कुछ नहीं देती वहाँ आप सिर्फ ब्राह्मण की बनाई हुई नकली कहानियों के पात्रों को पूजने जाते हैं जो किसी समय के बौद्धों के असल रूप को ढकने के लिए नकली बनाए गए थे। यह सब सिर्फ इसलिए बनाया गया था ताकि इस देश के असल बौद्ध जो प्रखर बुद्धिमान हैं अपनी बुद्धि को बढ़ाने के बजाय ब्राह्मण की मूर्ति के आगे मत्था टेकते रहें और अपनी बुद्धि के बल पर ब्राह्मण को अपना सेवादार ना बना लें। चूंकि ब्राह्मण के झूठ बोलने की वजह से ब्राह्मण को बौद्धत्व तो कभी प्राप्त होगा नहीं पर यह सौभाग्य हमारे देश के मूलनिवासियों को जन्मजात प्राप्त है। पर करना क्या है? सिर्फ गौतम बुद्ध की विपश्यना का ज्ञान लेकर अपनी बुद्धि से सब प्राप्त सकते हैं। हमारी बुद्धि ही वह बल है जो हमें सही जानकारी एवं रास्ता दिखाने का कार्य करती है।
Tarunn Asaat
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