भगवान शब्द पाली भाषा का शब्द

                     आखिर क्या है भगवान?
जहाँ से इंसान की जानकारी का दायरा खत्म होता है वहाँ से भगवान का अस्तित्व शुरू होता है।पहले इंसान प्राकृतिक आपदाओं के बारे में कुछ नहीं जानता था तो कुछ सूअर के मन वालों ने उसे भगवान का प्रकोप बता कर उसका भगवान बना डाला जो खुद भी मूर्ख था औरों को भी मूर्ख बना रहा था।
सुकिति बुद्ध को भग्ग यानि भंग करने वाला बताया गया था यानि वह व्यक्ति जिसने तृष्णा का नाश कर दिया हो भगवान है।
परन्तु ब्राह्मणों ने  अपनी मूर्तियाँ बनाकर भगवान शब्द के अर्थ का अनर्थ कर दिया।अब इंसान अपनी तृष्णा से मुक्त होने का मार्ग छोड़ कर मूर्तियों में भगवान ढूँढने लगा। इंसान अगर भगवान की मूर्तियों को पकड़ कर बैठा रहता तो कभी भी वैज्ञानिक नहीं हो सकता था चूँकि वह भगवान की मूर्ति से ही सब मांगता रहता और स्वयं की तृष्णा का शिकार रहता। जिस देश में इंसान नास्तिक है या बौद्ध है वहाँ दुनिया के सर्वाधिक वैज्ञानिक पैदा होते हैं। ब्राह्मणों के भगवान शब्द का अनर्थ करने से देश को भारी नुकसान हुआ है और देश ने बहुत से वैज्ञानिक जो हमारे देश के बाबा साहेब जैसे बुद्धिमान हो सकते थे को मंदिर मस्जिद जैसे मूर्खतापूर्ण मुद्दों में फंसा दिया। हमारे देश के मूलनिवासियों के पास बौद्ध मन है जो अत्यधिक शक्तिशाली है जरूरत है तो सिर्फ चेतना जगाने की।
इंसानी मस्तिष्क इतना शक्तिशाली है कि वह अपने मन से सभी प्रकार के प्रश्नों का उत्तर प्राप्त कर सकता है बशर्ते कि अत्यधिक शांत मन से स्वयं के मस्तिष्क पर पूर्ण विश्वास कर के प्रश्न किया जाए।
Quest yourself gives you the answer, until you won't quest you won't find the answer....so ask yourself
Tarunn asaat

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