हिन्दू के नाम पर मंदिर और दुकानें illigal

                                      हिंदू क्या है?

Constitution के अनुसार हिंदू एक code bill है जिसमें भारत वर्ष में जन्मे धर्मों को सम्मिलित किया गया है, जैसे बौद्ध, जैन, सिख इत्यादि।आखिर हिन्दू धर्म क्यों नहीं है। धर्म के नाम पर कोई वर्ग अपने को श्रेष्ठ और दूसरे को नीच नहीं कह सकता। अगर कोई ऐसा करता है तो constitution का violation करता है। इसलिए यह हिन्दू तो देश में अवैध है।
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार हिंदू कोई धर्म नहीं है, डाक्टर रमेश यश्वन्त प्रभु बनाम प्रभाकर काशीनाथ कुंते AIR 1996 SC 1113, और मनोहर जोशी बनाम नितिन भाऊ राव पाटिल AIR 1996 SC 796 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह जीवन जीने की कला है मतलब साफ है कि हिंदू जब धर्म ही नहीं है तो article 25, 26, 27, 28 इस पर लागू नहीं होते हैं जिससे हिंदू के नाम पर धार्मिक activity नहीं हो सकती है और देश भर में हिंदू के नाम पर जो धार्मिक दुकानें खोले गए हैं सब illigal हो जाते हैं।
 अब बात करते हैं इतिहास की, इतिहास में हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं है अगर हम इतिहास की जानकारी लेते हैं तो यह जानकर आश्चर्य होगा कि इतिहास में जिन धर्मों का जिक्र है वह हैं बौद्ध और जैन, और आठवीं शताब्दी के बाद जिस नए धर्म का उद्भ्व हुआ वह है ब्राह्मण धर्म।
ब्राह्मण धर्म आज हमारे देश में पूर्णत नष्ट हो चुका है और बौद्ध धम्म पूरे विश्व में विख्यात रहा है। सिख धर्म चूंकि सबसे नया है इसलिए इसमें मानवता के बहुत से गुण विद्यमान हैं।
Tarunn Asaat

Comments