ब्राह्मण बौद्धों के वश में

ब्राह्मण और ब्राह्मणवादियों की बुद्धि बौद्धों  के पास गिरवी रखीं है। कैसे? ब्राह्मण अपने को सिर से पैदा हुआ बताता है उस खोखले सर की बुद्धि बौद्धों के वश में आ गई ।अब शरीर को मन ही वश में करता है और मन बौद्धों के वश में होता है इसलिये ब्राह्मण और ब्राह्मणवादियों के मन बौद्धों के वश में आ गए। अब ब्राह्मण सिर्फ वही करेगा जो उसे मूलनिवासी बौद्धों के द्वारा निर्देशित किया जाएगा।

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