ब्राह्मण मितन्नी सभ्यता से हमारे देश में आया है जो सीरिया मे पड़ती है और अपने शास्त्र वेद पुराण वहीं से लाया है। अब जो वो शास्त्रों का ज्ञान हमारे भूभाग पर पेल रहा है वो हमारे देश के हैं ही नहीं तो हमारी धरती में उससे मेल खाता हुआ कुछ मिलेगा क्या? नहीं वह सब उसके अपने देश सीरिया में ही मिलेगा।दो पहियों के रथ का प्रयोग जिस प्रकार महाभारत में किया गया है वह भी हतूशा में पाए गए साक्ष्यों से ज्ञात होता है।तकरीबन 3000 ईसा पूर्व असेरिया के एक देवता का नाम असुर था और असेरिया की राजधानी का नाम भी असुर था।
असेरिया मितन्नी सभ्यता के बगल में थी जिससे यह ज्ञात होता है कि असुर शब्द जो ब्राह्मण ग्रंथों से मेल खाता है वह मितन्नी सभ्यता का है और ब्राह्मण के वेद पुराण भी वहाँ की सभ्यता के हैं जिसे वो हमारे भूभाग में जबरदस्ती थोप रहा है।
ब्राह्मण के शास्त्र जैसे वेद पुराण रामायण महाभारत इत्यादि यह सब उसकी मितन्नी सभ्यता का है और जो आज के सीरिया में है। तो मतलब साफ है हमारे देश के इतिहास में जो वेद पुराण पेले गए हैं वह हमारे भूभाग में कहीं नहीं मिलेंगे। जबरदस्ती अपने रामलाल अपनी संस्कृत भाषा, अपने देवी देवता, अपना रामायण महाभारत इत्यादि अपने सीरियाई भूभाग में जाकर ढूंढो वहीं पर सब मिलेगा और हमारे देश हमारे भूभाग और हमारी बौद्ध संस्कृति को अपनी सीरियाई सोच से मुक्त करो। जो राम महाभारत इत्यादि को हमारे देश पर थोपे हुए हो वो तुम्हारी सीरियाई सभ्यता में छुपा है। वहीं जाकर ढूंढो और अपने देवी देवता, राम पाम, नीच जातिवादी सोच और अपने वेद पुराण लेकर सीरिया चले जाओ और हमारी बौद्ध संस्कृति को मुक्त करो।जब पता है कि ब्राह्मण उसकी नीच जातिवादी सोच उसके देवता और संस्कृत भाषा विदेशी मूल से हैं तो हमारे देश में इतने क्यों उछल रहे हो। मोदी से भी अनुरोध है के भाई सीरिया में जाकर वहाँ अपना संस्कृत और हिन्दू अभियान चला। https://googleweblight.com/i?u=https://en.m.wikipedia.org/wiki/Mitanni-Aryan&grqid=FV_IIGgq&s=1&hl=en-IN
असेरिया मितन्नी सभ्यता के बगल में थी जिससे यह ज्ञात होता है कि असुर शब्द जो ब्राह्मण ग्रंथों से मेल खाता है वह मितन्नी सभ्यता का है और ब्राह्मण के वेद पुराण भी वहाँ की सभ्यता के हैं जिसे वो हमारे भूभाग में जबरदस्ती थोप रहा है।
ब्राह्मण के शास्त्र जैसे वेद पुराण रामायण महाभारत इत्यादि यह सब उसकी मितन्नी सभ्यता का है और जो आज के सीरिया में है। तो मतलब साफ है हमारे देश के इतिहास में जो वेद पुराण पेले गए हैं वह हमारे भूभाग में कहीं नहीं मिलेंगे। जबरदस्ती अपने रामलाल अपनी संस्कृत भाषा, अपने देवी देवता, अपना रामायण महाभारत इत्यादि अपने सीरियाई भूभाग में जाकर ढूंढो वहीं पर सब मिलेगा और हमारे देश हमारे भूभाग और हमारी बौद्ध संस्कृति को अपनी सीरियाई सोच से मुक्त करो। जो राम महाभारत इत्यादि को हमारे देश पर थोपे हुए हो वो तुम्हारी सीरियाई सभ्यता में छुपा है। वहीं जाकर ढूंढो और अपने देवी देवता, राम पाम, नीच जातिवादी सोच और अपने वेद पुराण लेकर सीरिया चले जाओ और हमारी बौद्ध संस्कृति को मुक्त करो।जब पता है कि ब्राह्मण उसकी नीच जातिवादी सोच उसके देवता और संस्कृत भाषा विदेशी मूल से हैं तो हमारे देश में इतने क्यों उछल रहे हो। मोदी से भी अनुरोध है के भाई सीरिया में जाकर वहाँ अपना संस्कृत और हिन्दू अभियान चला। https://googleweblight.com/i?u=https://en.m.wikipedia.org/wiki/Mitanni-Aryan&grqid=FV_IIGgq&s=1&hl=en-IN
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