कलयुग का क्या मतलब है ?

ब्राह्मण झूठा है इसलिए ब्राह्मण के लिए कलयुग हैं। आज के समय में ब्राह्मण मतलब झूठ। मूलनिवासी बौद्ध होते जा रहे हैं सत्य बोलने में सक्षम हैं सत्य बोलते हैं सत्य को पहचानते हैं उनके लिए सत्य युग है।
पूरी दुनिया में गौतम बुद्ध को सांप पर बैठा दिखाया गया है मतलब बुद्ध ही इतने शांति के प्रतीक हैं और ब्राह्मणवादियों ने बुद्ध को छुपाने के लिए नकली विष्णु प्रचलित किया। कुछ देशों में बुद्ध की पवित्रता को जताने के लिए उन्हें कमल पर बैठा दिखाया गया है मतलब बुद्ध कीचड़ में खिले कमल की तरह पवित्र हैं और ब्राह्मण ने बुद्ध को छुपाने के लिए बनाया ब्रह्मा। इस ब्रंह्मा को ब्राह्मण ने अपने आप को पुजवाने के लिए पैदा किया। इस ब्रह्मा को गौतम बुद्ध की जगह बैठा दिया गया। हमारे देश में बौद्ध स्तूप का प्रचलन था। इसी स्तूप के छोटे रूप को ब्राह्मण ने शिव लिंग का नाम दिया और गौतम बुद्ध की सत्यता को छुपाने के लिए झूठे शिव को सत्य बताया। इस सच्चाई को जानने के बाद कितने लोग इन झूठे भगवानों को पूजेंगे । जो झूठ को पूजेगा वो स्वयं कितना झूठा होगा। हमारे बौद्ध सत्य को छुपाने के लिए कितने जूते ब्राह्मणवादियों को पड़ने चाहिए?

  झूठा ब्राह्मण और उसके झूठे भगवान। अब झूठे भगवान के नाम पर लोगों को झूठ बोल कर मूर्ख बनाने वाले भी झूठे। अब जो झूठा होगा वही वही झूठ को पूजेगा। जो झूठ को पूजेगा और सच जानते हुए भी झूठे भगवान को बढ़ावा देगा वह झूठा हो जाएगा उसके मन में विकार पैदा होंगे। विकार पैदा होंगे तो बिमारियाँ बनेंगी।
  सत्य को मूलनिवासी पहचानते हैं वे बौद्ध भी हैं और संतुष्ट भी हैं।

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