यह है असली त्रीबुद्ध मूर्ति जिस में तीन बौद्धों का चित्रण है जो गौतम बुद्ध से पहले के बुद्ध थे। इसी की नकल कर के ब्राह्मण ने अपने धंधे की शुरुआत करने के लिए ब्रह्मां नाम का झूठा चरित्र पैदा किया ताकि हमारे देश के असली धर्म को छुपा कर अपने हिन्दू नाम की धर्म की दुकान चला कर लोगों को ऊंच नीच सवर्ण दलित कर हीनता पैदा कर सकें। इस हरामखोर ब्राह्मण जात पर देश को गुमराह करने के लिए और नकली ऊंच नीच पैदा करने के लिए केस करना चाहिए ताकि ये अपनी नकली दुकानें हमारे देश से लेकर भाग जाएँ।
त्रीबुद्ध की मूर्ति मिली बिहार के वैशाली जिले के गांव धरहरा से
इस पुस्तक में त्रिबुद्ध का विषलेषण है।
डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी के सौजन्य से तीनों बुद्ध की जानकारी दी गई है।



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