मन को शांत रखने के लिए विपश्यना कीजिए। पहले शांत हो कर अपने सांस पर मन लगाए रखिए जब मन पूरी तरह सांस को महसूस करने लगे तो मन को सिर के अंदर की sensations को महसूस करने दीजिए। फिर मन से पूरे शरीर में लेजाकर sensations को महसूस कीजिए। जैसे जैसे मन जागरूक होता जाएगा आप सत्य के करीब जाते रहेंगे और सत्य को प्राप्त करने लगेंगे।
मन past और future में भटकता है। उसे present में कैसे रखें? मन को नियंत्रित करने का बेहतर तरीका। रात में सोने से पहले बिना तकिए के लेट जाइए। पैर सीधे और हाथ भी सीधे कर लीजिए। अब सांस लीजिए और उसे रोक लीजिए और मन ही मन counting कीजिए। थोड़े देर सांस रोककर धीरे धीरे मुंह से सांस को निकाल दीजिए। रोजाना दो तीन बार ऐसा कीजिए। और हो सके तो सांस रोकने की प्रक्रिया को बढाइये। मन आपके काबू में आने लगेगा।
मन past और future में भटकता है। उसे present में कैसे रखें? मन को नियंत्रित करने का बेहतर तरीका। रात में सोने से पहले बिना तकिए के लेट जाइए। पैर सीधे और हाथ भी सीधे कर लीजिए। अब सांस लीजिए और उसे रोक लीजिए और मन ही मन counting कीजिए। थोड़े देर सांस रोककर धीरे धीरे मुंह से सांस को निकाल दीजिए। रोजाना दो तीन बार ऐसा कीजिए। और हो सके तो सांस रोकने की प्रक्रिया को बढाइये। मन आपके काबू में आने लगेगा।
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