ब्राह्मणवाद क्या है?
अपने को ऊपर जता कर दूसरे को नीच जताना ही ब्राह्मणवाद है।जिसको नीच जाति बोला गया है वह अपने को पहले ऊपर उठाता है और फिर सम्मान की लढ़ाई लड़ता है। ऊपर पहुँचने पर भी जातिगत समाज में उसे हीन भावना पहुँचाई जाती है जिससे उसे अपने अंदर चिड़न की भावना दिखाई देती रहती है। इस जातिगत ब्राह्मण के रहते हुए वह कभी भी सम्मान जनक स्थिति में नहीं रह सकता और ब्राह्मण उसे मन ही मन अपने को ऊंच और उसे नीच होने की भावना देता रहता है। मुंह पर ब्राह्मण हमेशा मीठा बन कर जताएगा चूंकी अगर सामने जातिगत भावना दिखाएगा तो पिटेगा या जेल जाएगा।
नीचता की भावना में नीची जाति का व्यक्ति अपने आप को दोषी मानता है कि वह उंचे काम करने के लायक नहीं है ऐसी भावना उसके मन में पैदा की गईै ।
ब्राह्मण की औलाद को सम्मान जनक स्थिति में जाने के लिए संघर्ष नहीं करना। उसे अपने मन में सिर्फ यह विचार लाना है कि मैं सभी से ऊंच हूँ और वह अपनी मानसिक सोच के अनुसार ऊंचा बना रहता है। चूँकि बुद्ध ने कहा है जैसे आपके बचपन से विचार हैं आप वैसे बनते चले जाते हैं।
बौद्ध क्या है?
दूसरे की बुद्धि का सम्मान करना एवं प्रेम ही बुद्ध हैं।माना जाए तो बुद्ध दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक है जो प्रकृति के हर रहस्य को जानते हैं और सत्यता के प्रतीक हैं जिनके सामने प्रकृति भी नतमस्तक है।
अपने को ऊपर जता कर दूसरे को नीच जताना ही ब्राह्मणवाद है।जिसको नीच जाति बोला गया है वह अपने को पहले ऊपर उठाता है और फिर सम्मान की लढ़ाई लड़ता है। ऊपर पहुँचने पर भी जातिगत समाज में उसे हीन भावना पहुँचाई जाती है जिससे उसे अपने अंदर चिड़न की भावना दिखाई देती रहती है। इस जातिगत ब्राह्मण के रहते हुए वह कभी भी सम्मान जनक स्थिति में नहीं रह सकता और ब्राह्मण उसे मन ही मन अपने को ऊंच और उसे नीच होने की भावना देता रहता है। मुंह पर ब्राह्मण हमेशा मीठा बन कर जताएगा चूंकी अगर सामने जातिगत भावना दिखाएगा तो पिटेगा या जेल जाएगा।
नीचता की भावना में नीची जाति का व्यक्ति अपने आप को दोषी मानता है कि वह उंचे काम करने के लायक नहीं है ऐसी भावना उसके मन में पैदा की गईै ।
ब्राह्मण की औलाद को सम्मान जनक स्थिति में जाने के लिए संघर्ष नहीं करना। उसे अपने मन में सिर्फ यह विचार लाना है कि मैं सभी से ऊंच हूँ और वह अपनी मानसिक सोच के अनुसार ऊंचा बना रहता है। चूँकि बुद्ध ने कहा है जैसे आपके बचपन से विचार हैं आप वैसे बनते चले जाते हैं।
बौद्ध क्या है?
दूसरे की बुद्धि का सम्मान करना एवं प्रेम ही बुद्ध हैं।माना जाए तो बुद्ध दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक है जो प्रकृति के हर रहस्य को जानते हैं और सत्यता के प्रतीक हैं जिनके सामने प्रकृति भी नतमस्तक है।
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