ब्राह्मण चूतिये का लिंग पूजन

ब्राह्मण चूतिया क्यों है?
ब्राह्मण लिंग पूजक है, ये चूतिया कौम वासना पूर्ति और तृष्णा में लीन रहता है। इस हवस की पुजारी कौम को अपनी वासना की पूर्ति के लिए बलात्कार को बढ़ावा देने के लिए दोषी माना जाता है। ब्राह्मण बलात्कारी कौम होने के साथ बिलकुल लंपट कौम है जिसका मन पूर्णतः बौद्धों के वश में रहता है। बलात्कार करने से ब्राह्मण जो कि लंपट कौम है स्त्रियों के कोप का भाजन बनना पड़ता है और ये मस्तिष्क से बीमार होकर बौद्धों के दास बनने के लिए बाध्य हो जाते हैं।अब जो भी इस लंपट कौम के मंदिरों में जाता है लिंग और योनि के विचारों से युक्त होकर वासना से भर जाता/ जाती हैं। अब ऐसे मूर्ख सिर्फ वासना पूर्ति में लगे रहते हैं इनके मन में संतुष्टी का अभाव हो जाता है।सिर्फ बौद्धत्व ही इन्हें संतुष्ट मन की प्राप्ति दे सकता है जो देश के बौद्धों के ही वश में है इसीलिये इस लंपट ब्राह्मण कौम के चूतियापे से बाहर आकर बुद्ध की शरण में आओ और देश को बौद्धमय करो। ये लंपट ब्राह्मण कौम आपकी गुलाम बनना पसंद करेगी।

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