स्त्रियाँ ब्राह्मण के मंदिर में पूजा करती हैं। पूजा करके वे शिव जैसे पति को पाना चाहती हैं। शिव के बारे में कहानियाँ प्रचलित हैं कि वह क्रोध के नशे में रहता है और पार्वती को गुस्से में मारता है। जो औरतें शिव जैसा वर ढूंढती हैं उनका पति शराबी हो जाता है और गुस्से में उन्हें बहुत मारता है। ये स्त्रियाँ अशांत हो कर मंदिर भागती हैं जहाँ पर ब्राह्मण उन्हे अपनी वासना का शिकार बनाता है।
अगर राम जैसा पति की चाहत रखती हैं तो राम एक शक्की मिजाज़ का व्यक्ति है जो सुनी सुनाई बातों पर अपनी गर्भवती पत्नी को भगा देता है। ये औरतें असंतुष्ट होकर फिर मंदिर भागती हैं जहाँ पुजारी हवस के साथ बैठा है।
कृष्ण जैसा पति मांगने पर अय्याश पति मिलता है। ऐसी स्त्रियाँ जब पति को अय्याशी में लिप्त देखती हैं तो चिड़ती हैं कि उनका पति क्यों नहीं सिर्फ उन्हें प्यार करता। वे फिर मंदिर भागती हैं जहाँ पर अय्याश पुजारी अपनी वासना उन पर उतारने के लिए तैयार बैठा है।
सिर्फ लंपट ब्राह्मण ने अय्याशी को पूरा करने के लिए इस धर्म को बनाया है।
प्राचीन समय से हमारे देश में बुद्ध बनने की प्रक्रिया को अपनाया जाता था। बुद्ध होकर व्यक्ति स्वयं भगवान होता है। ऐसा व्यक्ति बहुत शांत और प्रेम से परिपूर्ण होता है। जो स्त्रियाँ बुद्ध जैसे पति को प्राप्त करती हैं उनका मन बहुत शांत एवं पवित्र रहता है। बुद्ध ही भगवान हैं बुद्ध ही संपूर्ण हैं।मन में स्वयं बुद्ध हैं अपने मन के बौद्धत्व को जगाना है। बच्चों के मन को बुद्ध जैसा पवित्र बनाने से बच्चे के मन में संपूर्णता पैदा होती है।
अगर राम जैसा पति की चाहत रखती हैं तो राम एक शक्की मिजाज़ का व्यक्ति है जो सुनी सुनाई बातों पर अपनी गर्भवती पत्नी को भगा देता है। ये औरतें असंतुष्ट होकर फिर मंदिर भागती हैं जहाँ पुजारी हवस के साथ बैठा है।
कृष्ण जैसा पति मांगने पर अय्याश पति मिलता है। ऐसी स्त्रियाँ जब पति को अय्याशी में लिप्त देखती हैं तो चिड़ती हैं कि उनका पति क्यों नहीं सिर्फ उन्हें प्यार करता। वे फिर मंदिर भागती हैं जहाँ पर अय्याश पुजारी अपनी वासना उन पर उतारने के लिए तैयार बैठा है।
सिर्फ लंपट ब्राह्मण ने अय्याशी को पूरा करने के लिए इस धर्म को बनाया है।
प्राचीन समय से हमारे देश में बुद्ध बनने की प्रक्रिया को अपनाया जाता था। बुद्ध होकर व्यक्ति स्वयं भगवान होता है। ऐसा व्यक्ति बहुत शांत और प्रेम से परिपूर्ण होता है। जो स्त्रियाँ बुद्ध जैसे पति को प्राप्त करती हैं उनका मन बहुत शांत एवं पवित्र रहता है। बुद्ध ही भगवान हैं बुद्ध ही संपूर्ण हैं।मन में स्वयं बुद्ध हैं अपने मन के बौद्धत्व को जगाना है। बच्चों के मन को बुद्ध जैसा पवित्र बनाने से बच्चे के मन में संपूर्णता पैदा होती है।
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