आज देश में किसान आंदोलन की क्यों जरूरत पड़ी और इसका नकली धर्म से क्या जुड़ाव है?
मुकेश अंबानी का सबसे बड़ा बिज़नेस है पैट्रोकैमिकल इंडस्ट्री, जो अब धीरे धीरे खत्म होने की कगार पर है, और बैटरी से चलने वाले कार इत्यादि के आने के कुछ साल बाद ईरानी मूल के वैश्या हिन्दू अंबानी का धंधा पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, तो इस नकली धर्म के ईरानी हिन्दू को और उसके धंधे के लिए और ब्राह्मणवाद के लिए, नये धंधे खोजे गए और प्राइवेटेशन का नया खेल शुरू किया गया ताकि इन नकली धर्म वालों की मानसिक अपंगता जारी रहे और ये अटल बिहारी की तरह रगड़ रगड़ कर मरें। ब्राह्मणों को मानसिक अपंग मौत मारने के लिए और वैश्या हिन्दू को लाइलाज बिमारियों से ग्रसित करने के लिए ही नरेंद्र मोदी जो कि ईरानी मूल का हिन्दू वैश्या है को नकली धर्म को डूबने से रोकने के लिए और वैश्या हिन्दू को देश की संपत्ति सौंपने के लिए ही ईवीएम चोरी वाली सरकार बनाई जाती है, वैश्या हिन्दू मुकेशअंबानी को शिक्षा, किसान की उपज में बड़ी हिस्सेदारी ( भारत में प्रारंभिक खाद्य पदार्थ यानि दाल चावल गेहूं इत्यादि पर बिजनेस नहीं चमकाया जा सकता है, इसलिए ही भारत सरकार खाद्य पदार्थ की खरीद करती है और उसे गरीबों में वितरित करती है)और देश के पैसे पर
ईरानी वैश्या हिन्दू को हमारे देश की संपत्ति में चोरी और अडानी को रेल, एयरपोर्ट इत्यादि के धंधे पकड़ाए गए हैं। धर्म खत्म तो धन पकड़ने का दूसरे तरीके का विदेशी मूल के हिन्दू का प्राइवेटेशन का नया खेल और हिन्दू ब्राह्मण वैश्या को मानसिक अपंगता में रखने का माडल तैयार किया जा रहा है। पहले नकली धर्म में फंसा कर मूलनिवासी बौद्ध को देश की सत्ता पर बैठने से रोका गया था और अब संसथानिक लूट के लिए ईवीएम चोरी सरकार बनाई गई। नकली धर्म बनाने वालों को देश से मुक्त करने के लिए इनका सामान लेना बंद कर दो, मूलनिवासी बौद्ध के सामान का उपयोग करना शुरू करो। फैला दो मूलनिवासी बौद्ध वालों को और उनके सामान का विवरण। नकली धर्म बनाने वाले चोर मानसिक अपंगो का और उनके सामानों का पूर्ण बहिष्कार करो। यूनानी हिन्दू ब्राह्मण मानसिक अपंग और वैश्या हिन्दू अंबानी अडानी के हर सामान का देश में बहिष्कार करें। यह एक नया आंदोलन है जो देश में रह रहे चोरों से देश को आजाद कराएगा, मानसिक आजादी का आंदोलन नकली धर्म बनाने वाले युनानी हिन्दू ब्राह्मण मानसिक अपंग और ईरानी वैश्या हिन्दू का देश में पूर्ण बहिष्कार करना शुरू करें।
देश में सिर्फ मूलनिवासी बौद्ध के सामान ही उपयोग करें।
जब अटलू टुच्चे की सरकार बनी थी तो आते ही उसने प्याज 100 रू किलो तक बिकवाई, और महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार के समय प्याज 50ps/kg बिकी, क्यों? No minimum support price, why? वैसे अटलू टुच्चे की मौत, वह मरा था, 15 साल तक सड़ कर रगड़कर
2014 में मोदी की सरकार बनते ही दाल की जमाखोरी करके 250 रू. तक दाल बिकवाई, इस दाल का जमाखोर तब भी अडानी ही था,ये कमाते नहीं हैं धन लूटेरे हैं और बाकी मूलनिवासी बौद्ध होने की वजह से कमाते हैं धन लुटेरे नहीं है, ये देश का धन लूटकर शाह जैसे टुच्चे की औलाद को धनवान तो बनवा देते थे पर आज जाग्रत मूलनिवासियों से इन्हें मानसिक अपंग होने से कौन रोकेगा, बौद्धत्व को लाओ नकली धर्म वालों को मानसिक अपंग रहने दो
ईरानी मूल के चाय वाले को भी ऐसे ही लाया गया था नकली ओबीसी बना कर,और अडानी को भी घटिया पामोलिन तेल, जो अमेरिका के लिए वेस्ट था को रिफाइंड अच्छा और सरसों के तेल से बिमारियाँ होती हैं ऐसा प्रोपेगेंडा फैला कर धन लूट करवाई गई थी, फार्च्यून रिफाइंड को अच्छा बता कर बिकवाया और अडानी को भी मानसिक अपंग बनाया, ऐसे ही एक ईरानी मूल का हिन्दू लीद को मसाला बता कर बेचते हुए पकड़ा गया, वह ईरानी वैश्या हिन्दू अग्रवाल है , नकली धर्म वालों के प्रोपेगेंडे से बाहर आने के लिए नकली धर्म वालों को अपने से दूर करना शुरू कर दो, अपने मूलनिवासी संगठनों से जुड़ कर खुद के बौद्ध धम्म से जुड़ें और देश को बौद्धमय करें
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