देश में दो वर्ण

*बौद्ध राजनीति, देश में दो वर्ण बनाए जाते हैं, एक बुद्ध और दूसरा बुद्दू। बुद्ध वर्ण में बौद्ध मूलनिवासी है और बाकी बुद्दू वर्ण में डाले गए हैं। बुद्दू वर्ण के लोग मानसिक अपंग स्थिति में रहते हैं और ये बौद्धों के बताए गए कार्य ही करते हैं इसके विपरीत जाने पर बुद्दू वर्ण के लोग शारीरिक रूप से भी अपंग स्थिति में आने लगते हैं। 
      मौर्य काल में ब्राह्मण वो है जो सिकंदर मानसिक अपंग का सैनिक था और हमारे देश में उस हारे हुए सैनिक की नौकर वाली औकात रही है। देश की आजादी के बाद हारा हुआ युनानी सैनिक नकली धर्म के सहारे नकली मनुस्मृति मे महान बौद्धों को नीच बना कर पेश करता है और नकली धर्म की मनुस्मृति के सहारे अपने को महान कहता फिरता था पर सत्य सामने आने से ब्राह्मण की मानसिक अपंगता लोगों को साफ दिखाई दे रही है। इसीलिए इस मानसिक अपंग यूनानी ब्राह्मण के नकली धर्म को भी सभी लात मार चुके हैं और ब्राह्मण को भी। 



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