जैसे ही बाबासाहेब आंबेडकर जी ने बौद्ध धम्म को मूलनिवासियों को दिया वैसे ही युनानी ब्राह्मण मानसिक अपंग ने, जो मुगलों और मुसलमानो के साथ सत्ता में घुसा हुआ था तुरंत कश्मीर से फहीम भट्ट को महेश भट्ट बनाकर हिंदू धर्म की पटकथा तैयार करता है। कश्मीर से कोई पंडित नहीं भगाए गए, वहां से अनुपम खेर और फ़हीम भट्ट के पूर्वजों ने बौद्ध मूलनिवासियों को मारा और भगाया था। अब गाजी खान की औलादों को और फ़हीम भट्ट को बौद्ध मूलनिवासी तो वोट देंगे नहीं, तो जो हिन्दू सुप्रीम कोर्ट में खत्म कर दिया गया, उसे ईरानी उज्बेकी मूल के वैश्या नरेन्द्र मोदी के साथ मिलकर बताया जाने लगा सनातन। इस सड़ातन से ब्राह्मण मानसिक अपंग होकर जेटली सुषमा पर्रिकर अटलू टुच्चे जैसे सड़ातनी मानसिक अपंग होकर मरने लगा तो ब्राह्मण मानसिक अपंग को बुद्ध याद आए।जिस बौद्ध इतिहास की बुराई करके नकली धर्म बनाया गया था उसी मानसिक अपंग ब्राह्मण को बुद्ध और बाबासाहेब आंबेडकर जी के तलवे चाटते आज देखा जा रहा है
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