माता पिता कहते हैं कि पढ़ो लिखो और जो पढ़ रहे हैं मोदी टुच्चा उन्हें चाय की दुकान खुलवा रहा था और अंबानी अडानी जैसे नकली धर्म के वैश्या मानसिक अपंग को देश का पैसा लूटकर अमीर किया गया था। ब्राह्मण मानसिक अपंग का बनाया गया नकली धर्म गुलामों से उनके पूर्वजों को अपमानित करने के लिए उनके बुद्धि के विपरीत नकली धर्म बनाता है। फिर गुलामों से पुजवा कर देखता है कि ये अभी भी गुलाम है कि नहीं, दूसरी तरफ विदेशी मूल के वैश्या अडानी मानसिक अपंग के पामोलीन तेल को बिकवाने के लिए मनोवैज्ञानिक माहौल बनाता है कि सरसों का तेल और देसी घी खराब है और इनसे बिमारियां होती है और वो रिफांइड बेचा जाता है । इस पामोलीन तेल को अमेरिका बता चुका था कि ये तेल खराब है तब भी इन नकली धर्म के वैश्या मानसिक अपंगों ने हर वैश्या दुकानदार ने लोगों को रिफांइड पामोलीन खूब बेचा। उस वैश्या अडानी को अमीर करने के लिए। आज वही टुच्चा सरसों का तेल बेच रहा है, और यही वैश्या अडानी मानसिक अपंग ने देश का गेहूं अपने हाथ में लेने के लिए साइलोस बनवाए थे और यही मोदी वैश्या मानसिक अपंग ने जमाखोरी करने के लिए कानून में बदलाव करना चाहा था। ब्राह्मण मानसिक अपंग के नकली धर्म के साथ साथ ब्राह्मण मानसिक अपंग को भी लात मारो, इनको अपने से दूर कर दो, ज्यादा से ज्यादा विपसना करो, बुद्धि वश में करो और अपनी बुद्धि से सभी मूलनिवासी बौद्ध एक हो जाओ, सत्ता हासिल करो। केजरीवाल वैश्या भी मानसिक अपंग है, खुद बुद्ध की विपसना करने के लिए बैंगलोर जाता है और मूलनिवासियों को नकली धर्म में फंसाए रखने के लिए टुच्चे धर्म को पूजने का ढोंग करता है। इस धर्म में हमारे बौद्ध इतिहास के पूर्वजों को भी विकृत दिखाया गया है। गणपति हमारे बौद्ध इतिहास में गण के प्रमुख को बोला जाता है। गण के प्रमुख यानी सम्राट अशोक, अब सम्राट अशोक को पूजने के बजाय हाथी का सिर लगा करैक्टर बना कर उसे जानवर बता कर फैलाया गया। यानी बुद्धि से तुम्हारा गणपति जानवर है।जो बुद्धि में बौद्ध यानी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ उन्हें इन टुच्चे मानसिक अपंगो ने बताया हाथी के सिर वाला। ब्राह्मण मानसिक अपंग और उसका पूरा धर्म विकृत है। बचो नकली धर्म से, नकली धर्म यानी जो बुद्धि का प्रयोग कर विपसना करके अपनी बुद्धि को वश में रखते हैं और गुलाम नकली धर्म की गुलामी करते हैं। चलो बुद्धि के सर्वश्रेष्ठ मार्ग की ओर, चलो बुद्ध की ओर।
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