हिन्दू साहित्य और कहानियां हैं हमारे बौद्ध इतिहास का विकृतिकरणब्राह्मण मानसिक अपंग ने हमारे बौद्ध इतिहास का विकृतिकरण करके अपने धर्म ग्रंथों का निर्माण किया है। सबसे बड़ी बात है कि इसने हमारे महान बुद्ध के नामों का प्रयोग करके उनका विकृत रूप बना कर प्रचारित किया। जैसे कि नारद मुनि को ब्राह्मण मानसिक अपंग ने नकली धर्म की कहानियों का पात्र बनाया परन्तु नारद नामक बुद्ध हमारे 28 बुद्ध में से एक हैं। हमारा बौद्ध इतिहास पूरी दुनिया में प्रचलित है जिसका सबसे बड़ा प्रभाव म्यांमार, श्रीलंका इत्यादि में बहुतायत ही मिलता है।
अब श्रीलंका में नारद बुद्ध के नाम के विपसना सैंटर हैं और हमारे देश में ब्राह्मण मानसिक अपंग ने उनके नाम का दुरुपयोग करके नकली धर्म का पात्र ही बना डाला वो भी विकृत करके। ऊपर दी गई दो वेबसाइट दोनों वेबसाइट श्रीलंका की हैं और दोनों वेबसाइट पर नारद बुद्ध के विपसना सैंटर का उल्लेख है। ब्राह्मण मानसिक अपंग ने इसी प्रकार से हमारे इतिहास ही नहीं हमारे लोगों की बुद्धि के साथ भी खिलवाड़ किया है। आज हमारे बौद्ध मूलनिवासी विपसना करते होते तो ब्राह्मण मानसिक अपंग उनके तलवे चाटने पर मजबूर रहता।
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