सारी दुनिया के धर्म को ऐसे समझिए, सबसे प्राचीन हमारे 28 बुद्ध की बौद्ध प्रणाली, नंद वंश मौर्य वंश सभी बौद्ध। 1 शताब्दी में शुरू हुआ क्रिश्चियन धर्म जिसमें ईसा मसीह को बताया गया है कि वो 16 साल बौद्ध विश्वविद्यालय में बौद्ध शिक्षा लेते रहे और जेरुसलम जाकर बौद्ध शिक्षा के रूप में विपसना दी और बुद्धि जागृत करने का मार्ग दिखाया। इसके बारे में बीबीसी ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है जिसमें उसने ईसा मसीह को बौद्ध बताया है। यहीं से बौद्ध शिक्षा से प्रेरित क्रिश्चियन धर्म की स्थापना हुई जो बौद्ध इतिहास से अलग दुनिया का पहला धर्म बना। सम्राट अशोक ने 84000 स्तूपों का जो निर्माण करवाया था उसमें से एक मक्का मदीना में भी था। सम्राट अशोक ने उन बौद्ध स्तूपों पर विपसना का मार्ग दिया था लोगों को। बौद्ध विपसना करने से दिमाग और शरीर जुड़ जाते हैं और एक हो जाते हैं। यह दुनिया की सबसे खूबसूरत प्रणाली है जिससे मन को एकाग्र करके अंदरुनी खुशी को जगाया जाता है। इन स्तूपों से ही सीखकर मोहम्मद ने भी 30 दिनों तक विपसना की थी गुफा में जाकर और उसके ज़हन में वासना की जबरदस्त लालसा पैदा हो गई और उसने चार बेटियों तक से निकाह कर डाला इसीलिए उसने 5 वीं शताब्दी में मोहम्मद ने इस्लाम धर्म की स्थापना की जिसमें चार निकाह का प्रावधान रखा गया। जब 11वीं शताब्दी में आखिरी बौद्ध नालंदा विश्वविद्यालय जलवा दिया गया तो यहां से ब्राह्मण ने हमारा इतिहास और बौद्ध संपदा को चुराया होगा। इसके बाद सीधे 14वीं शताब्दी में सिख धर्म और चमार पंथ की स्थापना हुई जो गुरु नानक साहब, रैदास साहब कबीर साहब से प्रेरित होकर स्थापित हुआ। ये तीनों भी 28 बुद्ध में से एक विपस्सी बुद्ध की विपसना करके ही निर्वाण को प्राप्त होकर गुरु कहलाए। गुरु नानक साहब के अनुयाई सिख कहलाए। रैदास साहब के अनुयाई चमार कहलाए और कबीर साहब के अनुयाई जाटव और महार कहलाए। यानी बौद्ध परंपरा अभी भी इन स्वरूपों में बचा रहा। गुरु गोविन्द सिंह साहब हमारी बौद्ध परंपरा को ही बचा रहे थे और सिख धर्म में खालसा की फौज तैयार की गई थी। अब ये जो जैन और हिन्दू धर्म है ये दोनों क्या है, इन दोनों धर्म को बेवकूफ और मूर्खों ने हमारे बौद्ध इतिहास से चुराकर उसके बौद्ध स्वरूप को छुपा कर उसे इस्लाम जैसा जोड़ कर दिया गया है पर ये हैं इस्लाम से प्रेरित। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है सिखों का इस्लाम से अपने बौद्धिक परंपरा को बचाए रखना। इतिहास में जो बौद्ध स्तूप हैं ब्राह्मण ने उसे बताया शिव का लिंग यानी वासना से भरे हुए ब्राह्मण जिनका ध्यान ही लिंग पर लगा रहता हो। कृष्ण को बताया गया लौंडिबाज। ब्रह्मा को बताया गया अपनी ही बेटियों से निकाह करने वाला। गायत्री प्रजापति सरस्वती इन सबसे निकाह किया। पूरा हिंदू धर्म इस्लाम धर्म है। जैन धर्म भी बौद्ध धम्म के बिलकुल अलग है और इसे भी हमारे बौद्ध इतिहास से चुराया गया है। जैसे नारद बुद्ध हमारे 28 बुद्ध में से एक हैं परन्तु नारद बुद्ध को नारद मुनि बता कर फैलाया गया। और तो और नकली धर्म की आड़ में हमारे महान बुद्ध को चोटी वाला मुनि बता कर अपमान भी किया गया। नारद बुद्ध को आप जितने भी बौद्ध देश हैं उनमें उनके बौद्ध विहार और इतिहास की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बौद्ध धम्म में भंग अवस्था प्राप्त करके निर्वाण की प्राप्ति होती है। परंतु जैन में एक आदमी को नंगा करके बैठा देते हैं कि इसने इंद्रियों को वश में कर लिया। यहां ये वश में करते हैं यानी ढकोसला करते हैं और हमारे बौद्ध धम्म में भंग अवस्था प्राप्त कर भंगी यानी भगवान बनते हैं। अब भगवान शब्द भी हमारे बौद्ध इतिहास से चुराया गया है और इसका दुरुपयोग किया गया है। अब ब्राह्मण धर्म है इस्लाम और हमारी परंपरा है बौद्ध जो आगे चलकर सिख चमार जाटव महार की पैदाइश करते हैं जो कहीं ना कहीं हमारी बौद्ध इतिहास से जुड़ाव दिखाती हैं। अब ब्राह्मण धर्म यानी लिंग वाला धर्म और बौद्ध यानी बुद्धि वाला धम्म। हम बुद्धिमान हैं और ब्राह्मण मुस्लिम धर्म से प्रेरित होकर वासना में लिप्त रहने वाला । अब हिंदू धर्म और इस्लाम धर्म जब दोनों एक ही हैं तो हिंदू मुसलमान का पंगा क्यों दिखाया जाता है। क्योंकि इस नकली धर्म से हिंदू मुसलमान करके अपने अंदर की चिढ़न से नफ़रत से अंदर ही अंदर खोखले हो जाएं और बेवकूफों की तरह लड़ते रहे। अब बौद्ध धम्म के विपरीत इस नकली धर्म की आड़ में क्या थोपा जा रहा था। यही है दुनिया भर के धर्म। अब समझ लो कौन कौन है चोर और किसका है यह नकली धर्म। इसे समझने के लिए एक आज का उदाहरण देखिए। एक है कश्मीर का गनी भट जो मुस्लिम है और दूसरा महेश भट्ट जो हिन्दू ब्रह्मण है अब दोनों का सरनेम समान है। अब गनी भट ने महेश भट्ट को कश्मीर से क्यों भगाया होगा जबकि दोनों एक ही हैं। इसे ही कोन्ट्रोवर्सी बना कर कश्मीर फाइल्स नामक पिक्चर में दिखाया गया है। अब मुस्लिम धर्म बौद्ध धम्म से अलग हो सकता है परन्तु हिन्दू धर्म तो इस्लाम ही है तो समझ सकते हो हिंदू धर्म की आड़ में थोपा गया इस्लाम और उसके इर्द-गिर्द घूमता ब्राह्मण वाद। अब जिन्हें भगाया गया था कश्मीर से वो थे बौद्ध, और वे वहां से भाग कर पहुंचे थे लद्दाख और तिब्बत में।
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