जब मन समस्याओं में फंसा है तो समस्या को स्वीकार करो, मन से साल्यूशन पूछने की प्रैक्टिस करो। जब मन जवाब देने लगे उसे समझने की प्रैक्टिस करो। जब मन के जवाब को पहचानने लगोगे तो पता चलेगा कि तुमने अपने मन को पहले किसी और चीज़ में फंसाया था इसलिए आज जो चाहिए वह नहीं मिल रहा। जब फंसे हुए विचार से निकल जाओगे तो आज जो भी मन से बनाओगे वह पूरा हो जाएगा।
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